

ABOUT Shubharti Herbal Mart And Training Institute Limited karenge
Why Choose Us
शुभारती हर्बल मार्ट एंड ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट लिमिटेड सन 2022 से संचालित है शुभारती का मुख्य उद्देश्य सुंदर भारत की कल्पना को सजाना बहनों को कोशल प्रशिक्षण के साथ आत्म निर्भर बनाना,
शुभारती का मुख्य लक्ष्य रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा, जैविक कृषि, स्वास्थ्य योगा, एवं सत्संग के विषय में विशेष रूप से मार्गदर्शन करती है।
हमारे बारे में
1 रोजगार आज की बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए विज्ञानिकी, आधुनिकीकरण उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा होने के बाद भी 100% में से 60% लोग आज भी बेरोजगार हैं, एक कोशिश पलायन को रोकने की रोज़गार की समस्या का समाधान: अच्छी नौकरियों के लिए शुभारती की ओर से रोजगार सृजन के लिए दीर्घकालिक, स्थाई रणनीति बनाई है।
?? स्वरोजगार ??
? 2 स्वरोजगार शिक्षित बेरोजगार जो स्वयं अपने योग्यता एवं अनुभव के आधार पर स्वरोजगार स्थापित करना चाहते हैं आत्म निर्भर बनना चाहते हैं। अपने साथ है हजारों लोगों को रोजगार देना चाहते हैं, उन्हें स्मॉल इंडस्ट्री, लघु उद्योग, गृह उद्योग एवं दुकान संचालन करने के लिए मार्गदर्शन करती है।
?? शिक्षा ??
? 3 शिक्षा के स्तर पर आज के नव पीढ़ियों को स्कूली शिक्षा, स्नातक शिक्षा, योगा व स्वास्थ्य शिक्षा, वैदिक शिक्षा, आयुर्वेदिक शिक्षा, शासकीय एवं अर्धशासकीय जॉब के लिए मार्गदर्शन करती है
?? जैविक कृषि ??
4 जैविक कृषि से उत्पादित फ़सलें ज़्यादा पौष्टिक, रुचिकर, और गुणवत्तापूर्ण होती हैं।
जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता और कृषकों की उत्पादकता बढ़ती है।
जैविक खेती से उत्पादन लागत कम होती है और किसानों को ज़्यादा आय मिलती है।
जैविक खेती से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है और भूमि से पानी का वाष्पीकरण कम होता है।
जैविक खेती से भूमि के जल स्तर में वृद्धि होती है और मिट्टी में प्रदूषण कम होता है।
जैविक खेती से भूमि का क्षरण और दोहन रुकता है।
जैविक खेती के कुछ सिद्धांत: स्वास्थ्य का सिद्धांत, पारिस्थितिकी का सिद्धांत, निष्पक्षता का सिद्धांत, देखभाल का सिद्धांत. कृषि किसानों को जैविक व उन्नत कृषि करने के लिए आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के उत्पादन करने के लिए मार्गदर्शन करती है।
आज किसानों को अनुभव न होने के कारण ज्यादा से ज्यादा अंग्रेजी दवाइयां का उसे कर रहे हैं जिससे हमारा खाद्य पदार्थ और भी जहरीली होता जा रहा है।
इसलिए किसानों को शुभारती की ओर से जैविक खेती के लिए मार्गदर्शन करती है
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योग एवं सत्संग
योग एवं सत्संग
आज की नवयुवक पीढ़ी योग एवं सत्संग से पीछे होते जा रहे हैं जिससे हम अपने स्वास्थ्यकायापलट ही एकमात्र सिद्धांत है... बिच्छू मुद्रा या वृश्चिकासन , इस आसन की आत्मा औषधि सुरक्षा, सही समय, कार्य में कौशल, कायापलट, रूप और धैर्य की है। यह आपकी इच्छा, धड़, फिल्म और फिल्मों को मजबूत बनाता है। यह आपकी शक्ति को पुनः प्राप्त करता है, जो आपको मजबूत और तंदुरुस्त बनाने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से आपके मस्तिष्क की ओर रक्त की मात्रा बढ़ती है, जिससे याददाश्त और एकाग्रता की मात्रा बढ़ती है। यह आसन सकारात्मकता और ऊर्जा को बढ़ावा देता है ? एवं आध्यात्मिक जीवन से हम अपने धर्म से विमुख हो रहे हैं योग से हम निरोगी जीवन जी सकते हैं सत्संग से हम अपने धर्म को और हम मजबूत कर सकते हैं
